उत्तर- बिल्कुल वास्तविकता के अनुरूप ख़बर देने या जैसा है वैसा ही बताने को सच कहा जाता है।
उसके कुछ रूप ये हैं:
* लोगों के साथ बात करने में सच कहना।
* वचन निभाना।
* हर बात व काम में सच्चा होना।
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया है: सच्चाई नेकी की ओर ले जाती है, और नेकी जन्नत की ओर, और आदमी हमेशा सच बोलता रहता है यहां तक कि वह सच्चा बोलने वाला ही बन जाता है''। बुख़ारी एवं मुस्लिम